श्रीगंगानगर , जुलाई 18 -- पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर से जबरन हटाकर अस्पताल में भर्ती करवाए जाने पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस दमनकारी नीति करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की।

इससे पहले माकपा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे श्री वांगचुक के समर्थन में श्रीगंगानगर में शुक्रवार रात कैंडल मार्च का आयोजन किया।

माकपा के जिला सचिव कॉमरेड वकीलसिंह और कॉमरेड मोहनलाल के नेतृत्व में निकाला गया यह कैंडल मार्च पंचायती धर्मशाला से रवाना होकर गोल बाजार के गांधी चौक पहुंचा। यहां पहुंचते ही मार्च आमसभा में बदल गया।

आमसभा को संबोधित करते हुए पार्टी के कॉमरेड वकीलसिंह ने केंद्र और राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की शिक्षा नीतियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ये नीतियां शिक्षा को बर्बाद कर रही हैं और बड़े उद्योग घरानों के हितों को साधने वाली हैं। वकीलसिंह ने सोनम वांगचुक के संघर्ष के प्रति पूरी एकजुटता व्यक्त की और कहा कि उनका अनशन शिक्षा, पर्यावरण और जनहित के मुद्दों को लेकर है। पार्टी उनके इस न्यायपूर्ण संघर्ष के साथ पूरी तरह खड़ी है।

प्रदर्शन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं काफी संख्या में शामिल हुए। मोमबत्तियों की रौशनी में निकला यह मार्च श्री वांगचुक के आंदोलन को मजबूती देने और स्थानीय स्तर पर जनजागरण फैलाने का प्रयास था।

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