नयी दिल्ली , जुलाई 11 -- राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन स्थल पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षाविद सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठे चार विद्यार्थियों का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें अनशन तोड़ने की सलाह दी है।

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्य हम्माद ने बताया कि अनशन पर बैठे मनीष 7.5 किलोग्राम वजन खो चुके हैं, जबकि प्रदर्शनकारी अमीन का वजन 6.95 किलोग्राम घट चुका है। नेहा का वजन जहां 5.9 किलोग्राम घट चुका है, वहीं दीपक भूख हड़ताल के कारण 3.7 किलोग्राम वजन गंवा चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि 28 जून को कुल छह विद्यार्थियों ने प्रदर्शन शुरू किया था, लेकिन दानिश अली और ऋषिकेश को तबीयत बिगड़ने के कारण प्रदर्शन छोड़ना पड़ा। हम्माद ने बताया कि दानिश का ब्लड शुगर स्तर इतना गिर गया था कि अगर वह भूख हड़ताल जारी रखतीं तो कौमा में जा सकती थीं, जबकि ऋषिकेश के शरीर पर चकत्ते पड़ गये थे, हालांकि दोनों का स्वास्थ्य अब बेहतर है।

आइसा सदस्य मंतशा ने बताया कि दीपक का वजन कम होने के साथ-साथ उनका रक्तचाप भी खतरनाक रूप से कम हो चुका है, डॉक्टरों ने उन्हें भूख हड़ताल तोड़ने की सलाह दी है।

उल्लेखनीय है कि नीट-यूजी पेपर लीक तथा 12वीं कक्षा के परीक्षा-पत्रों की चेकिंग में सामने आयी अनियमितताओं के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने श्री प्रधान के इस्तीफे की मांग उठायी। पार्टी ने संस्थापक अभिजीत दीपके की अगुवाई में छह जून को जंतर-मंतर पर पहला विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन करने के बाद पार्टी ने 20 जून को एक बार फिर यहां राजधानी में विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

श्री वांगचुक 28 जून को प्रदर्शन में शामिल होते हुए इसी मांग के साथ अपनी भूख हड़ताल शुरू की, जिसमें आइसा से संबंधित विद्यार्थी भी शामिल हुए।

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