नयी दिल्ली , अप्रैल 28 -- पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रभावित क्षेत्रों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगी सरकार ने वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्र को प्राकृतिक गैस आपूर्ति के लिए प्राथमिकता श्रेणी में रखा है और इसके लिए गैस आपूर्ति पिछले छह महीनों की औसत खपत के 80 प्रतिशत पर बनाए रखी गई है।

इसके अलावा कपड़ा क्षेत्र में 29 प्रमुख कच्चे माल पर सीमा शुल्क स्थगित करने के साथ साथ वस्त्र मंत्रालय अन्य कच्चे माल, जिनमें मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) कपड़ा मूल्य श्रृंखला और कपास शामिल हैं पर भी सीमा शुल्क हटाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

पश्चिम एशिया संकट के कारण उपजी स्थिति के बारे में जानकारी देने के लिए मंगलवार को यहां आयोजित अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वस्त्र मंत्रालय ने विभिन्न तरह के यार्न पर डंपिंग रोधी शुल्क हटाने या स्थगित करने की सिफारिश की है।

अधिकारियों ने बताया कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ अभियान जारी है और मार्च से अब तक देशभर में 67,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किये गये हैं, 1160 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं और 271 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार की अपील के बाद सोमवार तक देश में 42,800 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस किए हैं। इसके अलावा 9 अप्रैल से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापत्तनम, चेन्नई और मथुरा की रिफाइनरियों द्वारा रासायनिक, औषधि और पेंट उद्योगों को 8300 टन से अधिक प्रोपिलीन और 870 टन ब्यूटिल एक्रिलेट की बिक्री की गयी है।

नौवहन मंत्रालय ने अब तक खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 2,800 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की, जिनमें से 24 पिछले 24 घंटों में आये हैं।

पश्चिम एशिया में समग्र उड़ान स्थिति में सुधार के बाद से क्षेत्र से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए अतिरिक्त उड़ानों का संचालन जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित रही है। सरकार ने स्थिति को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और एलपीजी वितरकों पर किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं मिली है। सोमवार को उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग 99 प्रतिशत तक बढ़ गई। वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी लगभग 93 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

अधिकारियों ने कहा कि देश में सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, साथ ही पेट्रोल और डीज़ल के पर्याप्त भंडार बनाए रखे गए हैं। घरेलू खपत को समर्थन देने के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित