रायपुर , सितंबर 17 -- छत्तीसगढ़ में राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए वसुंधरा परियोजना के तहत जिला एवं तहसील स्तर के राजस्व रिकॉर्ड रूम का आधुनिकीकरण और अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करते हुए पहले चयनित जिलों और बाद में प्रदेश के सभी 33 जिलों में इसका विस्तार किया जाएगा।

मंत्रालय महानदी भवन में आज मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने नामांतरण सहित अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में स्पष्टता और एकरूपता लाने के साथ अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण पर जोर दिया।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने बताया कि परियोजना के तहत अधिकार अभिलेख पंजी, बंदोबस्त एवं चकबंदी मिसल, निस्तार पत्रक, खसरा, राजस्व न्यायालय के आदेश, मूल ग्राम नक्शे, संशोधन पंजी, वर्ष 2020 से पहले के खसरा पंचशाला अभिलेख और किश्तबंदी खतौनी सहित महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैनिंग और डाटा एंट्री कर उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा।

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