खम्मम , जुलाई 10 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस सरकार का लक्ष्य तेलंगाना को 2047 तक तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है तथा इसके लिए किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और पारदर्शी शासन के जरिए समावेशी विकास सुनिश्चित किया जायेगा।

जिले के चिंताकानी मंडल के जगन्नाथपुरम में 'रैथु आशीर्वाद सभा' को संबोधित करते हुए श्री विक्रमार्क ने साफ किया कि सरकार का नजरिया तेलंगाना को सिर्फ कल्याणकारी कार्यक्रमों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार कृषि को महज पेशा नहीं, बल्कि संस्कृति और जीवन जीने का तरीका मानती है, इसलिए किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता असल में राज्य की अर्थव्यवस्था में निवेश है।

उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने पिछले ढाई साल में कृषि क्षेत्र पर 1,67,877 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। उन्होंने पिछली बीआरएस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी 'रायथु बंधु' योजना का भुगतान कई महीनों की देरी से होता था, जबकि वर्तमान सरकार ने 'रायथु भरोसा' योजना के तहत 9,000 करोड़ रुपये महज नौ दिनों के भीतर किसानों के खातों में हस्तांतरित कर दिये हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने 21,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किये हैं। नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से किसानों के एक-एक अनाज की खरीद की जा रही है और अब मक्का एवं ज्वार जैसी फसलों को भी इस दायरे में लाया गया है। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र को मुफ्त बिजली देने के लिए राज्य सरकार सालाना 14,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर श्री विक्रमार्क ने बताया कि पांच साल में एक लाख करोड़ रुपये का ऋण देने के लक्ष्य के तहत सरकार ढाई साल में ही स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के जरिये 67,000 करोड़ रुपये का कर्ज दे चुकी है। ऋण की सीमा भी पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गयी है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की कांग्रेस सरकारों की बनायी नागार्जुन सागर, श्रीशैलम, जुराला, पुलीचिंतला और एसआरएसपी जैसी परियोजनाएं आज भी किसानों के काम आ रही हैं, जबकि भारी-भरकम खर्च के बावजूद कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने बीआरएस नेताओं पर गोदावरी परियोजनाओं की री-डिजाइनिंग के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने और झूठे प्रचार से जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत में 8.21 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज मिलने के बावजूद कांग्रेस सरकार अपनी सभी कल्याणकारी योजनाएं पूरी मुस्तैदी से लागू कर रही है। सरकार ने 4.5 लाख 'इंदिरम्मा मकान' मंजूर किये हैं, 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को रियायती चावल दिया जा रहा है और 53 लाख घरों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है। इसके साथ ही 'आरोग्यश्री' स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है और 1.15 करोड़ परिवारों के लिए 'इंदिरम्मा बीमा योजना' लागू की जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने विद्यालयों में बुनियादी ढांचे के विकास, छात्रों के भोजन व कॉस्मेटिक शुल्क में बढ़ोतरी और बारहवीं के छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन शुरू करने की योजनाओं पर भी बात की।

उन्होंने सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और राज्य में समृद्धि लाने पर कहा कि तेलंगाना टिकाऊ विकास और पारदर्शी प्रशासन के बल पर एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरेगा।

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