नयी दिल्ली , जुलाई 15 -- केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि गटर के पानी और औद्योगिक कचरे के शुद्धिकरण के लिए राजधानी दिल्ली में लगभग 80 उपचार संयंत्रों पर काम शुरू हो चुका है और वर्ष 2028 के अंत तक यह सुनिश्चित किया जायेगा कि एक भी लीटर गंदा पानी यमुना नदी में न जाये।
दिल्ली नगर निगम और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने राजधानी दिल्ली में गोबर के समुचित उपयोग के लिए कंप्रेस्ड बायो-गैस संयंत्रों की स्थापना के लिए बुधवार को यहां श्री शाह की मौजूदगी में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह, दिल्ली के उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्रीय सहकारिता सचिव सहित केन्द्र एवं दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
श्री शाह ने इस अवसर पर कहा कि यह समझौता देश के सभी बड़े शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए एक मॉडल का काम करेगा। इस पहल से न सिर्फ पशु पालकों की आय बढ़ेगी, स्वच्छता भी बढ़ेगी, कंप्रेस्ड बायो-गैस प्राप्त होगी और ऑर्गेनिक खेती की दिशा में भी इससे बहुत बड़ी प्रेरणा मिलेगी।
गृह मंत्री ने कहा कि सभी देशवासी चाहते हैं कि यमुना नदी का जल स्वच्छ हो लेकिन यह कल्पना यमुना नदी में गिरने वाली गंदगी के निकास के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के यमुना के शुद्धिकरण के संकल्प की सिद्धि की दिशा में यह समझौता एक अहम कदम है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित