मुंबई , अक्टूबर 30 -- महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने शुक्रवार को भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वर्ष 2027 तक महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिलेंगे।

यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "अगले चार महीनों में महाराष्ट्र में बड़े बदलाव होंगे। ऐसी चर्चाएं हैं कि एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे। अगला साल (2027) (एकनाथ शिंदे नीत) शिवसेना का होगा।" इस बीच, शिंदे गुट के शिवसेना विधायक संतोष बांगर ने भी बयान दिया कि प्रत्येक शिवसैनिक एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहता है।

गुरुवार को एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के एक साथ मंच साझा करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री शिरसाट ने कहा, "यह कहना गलत है कि एक कार्यक्रम में ठाकरे बंधुओं और फडणवीस का मंच साझा करना राज्य में नये राजनीतिक समीकरण बनने का संकेत है।"राजनीतिक हलकों में यह अटकलें लगायी जा रही हैं कि ठाकरे भाइयों और श्री फडणवीस के बीच हाल ही में देखी गयी इस नजदीकी के पीछे कोई गहरा राजनीतिक कारण हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों ने गुरुवार के कार्यक्रम में दिये गये बयानों की ओर इशारा किया, जहां ठाकरे बंधुओं और फडणवीस ने आपस में संक्षिप्त निजी चर्चा के बाद एक ही मंच से बात की थी।

शिंदे नीत शिवसेना के पूर्व विधायक रवींद्र धांगेकर ने पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा था कि उद्धव ठाकरे दिवंगत बाला साहेब ठाकरे के उत्तराधिकारी हैं, जबकि एकनाथ शिंदे बालासाहेब के विचारों के उत्तराधिकारी हैं। धांगेकर ने कहा, "राजनीति में कुछ भी हो सकता है। यह कोई रहस्य नहीं है। इसलिए राजनीतिक पहलुओं को किनारे रखकर महाराष्ट्र की परंपरा और विरासत को बचाते हुए सभी को एक साथ आना चाहिए।"एक ही मंच पर ठाकरे भाइयों और श्री फडणवीस की उपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर श्री धांगेकर ने कहा, "उनकी चर्चाओं में राजनीति है या नहीं, लेकिन उनका राजनीतिक रुख स्पष्ट है। आमंत्रण देने वाले व्यक्ति के काम की सराहना करने के लिए एक साथ आना महाराष्ट्र की परंपरा रही है।" श्री धांगेकर ने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे ने अपने नेतृत्व में 200 से अधिक विधायकों को जिताने में सफलता पायी है, इसलिए श्री शिंदे को ही राज्य का नेतृत्व करना चाहिए।

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