हैदराबाद , अप्रैल 11 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने शनिवार को कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन करने से दक्षिणी राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और यहां तक कि उनकी राजनैतिक प्रासंगिकता भी खतरे में पड़ सकती है।
श्री विक्रमार्क ने यहां रवींद्र भारती में महात्मा ज्योतिराव फुले की द्वि-शताब्दी जयंती समारोह में बोलते हुए कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में जाति जनगणना के आंकड़ों की अनदेखी करने से देश में राजनैतिक संतुलन बदल सकता है। उन्होंने कहा कि इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है जहाँ केंद्र में दक्षिणी राज्यों के महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के बिना भी सरकारें बनाई जा सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र दक्षिणी राज्यों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया रहा है और दावा किया कि करों के बंटवारे में उनकी हिस्सेदारी कम कर दी गई है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना के प्रत्येक एक रुपये के योगदान के बदले केवल 37 पैसे वापस मिलते हैं, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को काफी अधिक आवंटन प्राप्त होता है। उन्होंने इसे सामाजिक परिवर्तन का नेतृत्व करने वाले दक्षिणी राज्यों को कमजोर करने के प्रयास के रूप में वर्णित किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा, रोजगार एवं राजनीति में पिछड़ा वर्ग के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव करने वाले विधेयक पर केंद्र की स्वीकृति का इंतजार कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि तेलंगाना में किये गये जाति सर्वेक्षण में पाया गया कि पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या 56 प्रतिशत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीतियां जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पिछड़ा वर्ग उप-योजना लागू करने पर विचार करेगी और चुनौतियों के बावजूद जन-कल्याण केंद्रित शासन जारी रखेगी।
श्री विक्रमार्क ने चेतावनी दी कि राज्य में "सामंती ताकतें" फिर से संगठित होने का प्रयास कर रही हैं और उन्होंने बहुजनों से सरकार के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार समान विकास और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है।
उन्होंने कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने छात्रावासों में भोजन शुल्क बढ़ा दिया है और 2 जून से लगभग बीस लाख छात्रों के लिए जलपान योजना शुरू करेगी। उन्होंने आगे कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए "यंग इंडिया" आवासीय विद्यालय और तेलंगाना पब्लिक स्कूल स्थापित किये जायेंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित