नयी दिल्ली , अगस्त 01 -- लगभग ढाई दशक पुराने हत्या के एक मामले में पैरोल तोड़कर फरार चल रहे उम्रकैद के दोषी को पुलिस ने 16 वर्ष बाद गिरफ्तार किया है।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शनिवार को बताया कि यह हत्या का मामला वर्ष 2002 का है। दोषी तोता राम उर्फ बब्लू (45) उत्तर प्रदेश के बदायूं का निवासी है। उसे कृष्णा नगर थाने में 2002 में दर्ज हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया गया था। सितंबर 2010 में एक महीने की पैरोल मिलने से पहले वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
पुलिस ने बताया कि पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद वह जेल वापस नहीं लौटा और तब से उसे पैरोल भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि तहबाजारी (रेहड़ी-पटरी लगाने के अधिकार) को लेकर हुए विवाद में तोता राम और उसके एक सह-आरोपी ने नारियल काटने वाले चाकू से दिलशाद और दिलदार नाम के दो व्यक्तियों पर हमला कर दिया था। इस हमले में दिलशाद की मौत हो गयी, जबकि दिलदार गंभीर रूप से घायल हो गया था।
आरोपियों को बाद में गिरफ्तार किया गया, उन पर मुकदमा चलाया गया और दोषी ठहराया गया, जिसमें तोता राम को आजीवन कारावास की सजा मिली।
अपराध विभाग ने बताया कि फरार दोषी का सुराग लगाने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। जांचकर्ताओं ने तकनीकी निगरानी, मैन्युअल इनपुट और मैदानी सत्यापन का सहारा लिया, जिससे वे आरोपी के उत्तर प्रदेश स्थित पैतृक गांव से होते हुए पंजाब के लुधियाना तक पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि तोता राम को 31 जुलाई को लुधियाना जिले के सदमा कलां गांव स्थित एक किराये के मकान से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान तोता राम ने बताया कि उसने अपनी पहचान बदल ली थी, शादी कर ली थी और लुधियाना में बस गया था। वहां वह गिरफ्तारी से बचते हुए सब्जी विक्रेता के रूप में अपनी आजीविका चला रहा था।
पुलिस का दावा है कि पकड़े जाने से बचने के लिए वह बार-बार अपने ठिकाने बदलता था और 'बब्लू' नाम का इस्तेमाल करता था।
गिरफ्तारी के बाद तोता राम को वापस तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। फरार रहने के दौरान उसके आचरण से जुड़े आरोप दिल्ली पुलिस की जांच पर आधारित हैं और जहां लागू हो, आगे की कानूनी कार्यवाही के अधीन होंगे।
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