नयी दिल्ली , जुलाई 17 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात के दौरान शुक्रवार को कहा कि वे केवल वनों के प्रशासक ही नहीं हैं बल्कि देश की प्राकृतिक विरासत के संरक्षक भी हैं और अधिकारियों के रूप में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

श्रीमती मुर्मु ने कहा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता को हो रहे नुकसान जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इन चुनौतियों से निपटने में वन अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का काम न केवल पर्यावरणीय सुरक्षा में योगदान देगा, बल्कि सतत विकास की दिशा में वैश्विक प्रयासों में भी सहायक होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों को वन क्षेत्र बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, क्योंकि वन पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं।

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