बैतूल , मई 27 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वन सुरक्षा समितियों के नाम पर शासकीय राशि के गबन और फर्जीवाड़े के मामले में बीजादेही पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेमलाल सरियाम और रम्मु कुमरे के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों पर पांच पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई कार्रवाई के तहत थाना बीजादेही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मामले की शुरुआत छह जनवरी 2025 को हुई थी, जब परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी चूनाहजूरी दिनेश झारिया ने थाना बीजादेही में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रामपुर भतोड़़ी परियोजना मंडल अंतर्गत संचालित पांच वन सुरक्षा समितियों में वित्तीय अनियमितता की जानकारी दी गई थी।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2022-23 के दौरान समिति अध्यक्षों और सचिवों ने सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बिना समितियों के खातों से लाखों रुपए निकाल लिए। आरोपियों ने फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज कर और बिना कार्य कराए काल्पनिक कार्य विवरण तैयार कर शासकीय राशि विभिन्न खातों में स्थानांतरित की तथा बाद में राशि निकालकर निजी उपयोग में ली।

पुलिस के अनुसार वन सुरक्षा समिति माटीगढ़ में लगभग 24 लाख रुपए, चिखली में 1.85 लाख रुपए, तेंदूखेड़ा में 2.50 लाख रुपए, आवरिया में 15.58 लाख रुपए तथा काजली समिति में लगभग 16.79 लाख रुपए के गबन की पुष्टि हुई है।

प्रकरण में थाना बीजादेही में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले आरोपी गोविंद वासनिक, चन्द्रेश परते, ओमप्रकाश सरियाम और धनाराम यादव को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। यह कार्रवाई एसडीओपी शाहपुर राजेश तिवारी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक आर.के. मीणा के नेतृत्व में की गई।

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