भीलवाड़ा , जुलाई 26 -- राजस्थान में वन विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई वन मित्र योजना का स्वागत करते हुए पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू ने भीलवाड़ा जिले के ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं से वन विभाग की वन मित्र योजना से जुड़ने का आग्रह किया है।

श्री जाजू ने रविवार को कहा कि कम होती वर्षा, बढ़ता तापमान, जल संकट और घटते वन क्षेत्र वर्तमान में गंभीर चिंता का विषय है। इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान तभी संभव है, जब प्रत्येक गांव पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी स्वयं उठाए।

उन्होंने कहा कि वन मित्र बनकर ग्रामीण पौधारोपण, पौधों के संरक्षण, वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा और प्रकृति एवं झील जलाशय संरक्षण मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह योजना जनभागीदारी की भावना पर आधारित है, जिसमें हर ग्रामीण प्रकृति का सच्चा प्रहरी बन सकता है।

श्री जाजू ने पर्यावरण संरक्षण में रुचि रखने वाले ग्रामीणों से स्थानीय वन विभाग से संपर्क करके वन मित्र के रुप में पंजीयन कराने और अपने गांव को हराभरा बनाने का आग्रह किया।

उल्लेखनीय है कि वन मित्र योजना में सरकार द्वारा 31 अगस्त तक पंजीयन और आवेदन स्वीकार किये जायेंगे और प्रत्येक ग्राम पंचायत में सात वन मित्र होंगे जिनमें दो महिलाएं शामिल होंगी।

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