रायपुर , जून 08 -- छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव अपराधों की वैज्ञानिक जांच को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग और स्वास्थ्य क्षेत्र के अधिकारियों को आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों तथा जांच प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया है।

यह जानकारी विभाग ने आज दी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में फोरेंसिक एवं स्वास्थ्य अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए आधुनिक वन्यजीव फोरेंसिक तकनीकों और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान वन्यजीवों से जुड़े मामलों की जांच में नवीन वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में अधिकारियों ने वन्यजीव रोगों की निगरानी, वन्यजीव अपराधों की जांच तथा संरक्षण संबंधी गतिविधियों के लिए साझा कार्यप्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण में अचानकमार टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक प्रियंका पांडे सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

प्रशिक्षण के अंतर्गत कुल 78 प्रतिभागियों को हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की मृत्यु जांच के लिए मानकीकृत वैज्ञानिक प्रक्रियाओं की जानकारी और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे छत्तीसगढ़ वन विभाग की फोरेंसिक जांच, रोग निगरानी, वन्यजीव अपराध नियंत्रण तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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