लखनऊ , जुलाई 14 -- 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मंगलवार को लखनऊ में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने किया। कांग्रेस ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए 51 पृष्ठ का लिखित ज्ञापन भी सौंपा।

बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार कांग्रेस ने कहा कि 'वन नेशन-वन इलेक्शन' का प्रस्ताव संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश के संघीय ढांचे के अनुरूप नहीं है। पार्टी का कहना है कि इससे अधिकारों का अत्यधिक केंद्रीकरण हो सकता है तथा राष्ट्रपति प्रणाली जैसी राजनीति को बढ़ावा मिलने की आशंका है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि चुनावी खर्च में कमी या प्रशासनिक सुविधा को संविधान में व्यापक संशोधन का आधार नहीं बनाया जा सकता। भारत की भौगोलिक, सामाजिक और भाषाई विविधता को देखते हुए पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना कई व्यावहारिक और संवैधानिक चुनौतियां पैदा कर सकता है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान, लोकतंत्र और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इनके खिलाफ किसी भी प्रयास का विरोध करेगी। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया, पूर्व मंत्री मुईद अहमद, संजय शर्मा तथा अधिवक्ता अनस खान भी शामिल रहे।

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