बैतूल , जुलाई 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वन विभाग की लकड़ी तस्करी विरोधी कार्रवाई के बाद एक युवक द्वारा वन अमले पर पानी की जगह रासायनिक पदार्थ पिलाने का आरोप लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। वन विभाग ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि युवक ने विभागीय वाहन में रखी फार्मलिन की बोतल को पानी समझकर स्वयं पी लिया था। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंच गई है और जांच जारी है।
वन विभाग के अनुसार शाहपुर वन परिक्षेत्र के चुना हजूरी निवासी अरनेश राठौर (35) को डूडर के जंगल से सागौन की लकड़ियों के साथ पकड़ा गया था। विभाग का दावा है कि उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में सागौन के लट्ठे बरामद हुए थे।
दूसरी ओर, युवक के परिजनों ने आरोप लगाया कि अरनेश मजदूरों को छोड़ने के बाद रात होने पर एक झोपड़ी में रुका था। इसी दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने पहले से कटी सागौन की लकड़ी उसकी गाड़ी में रखकर उसे झूठे मामले में फंसा दिया। उनका आरोप है कि उसे करीब दो दिन तक शाहपुर रेंज कार्यालय में रखा गया और बाद में घटनास्थल पर ले जाकर एक अधिकारी ने पानी बताकर बोतल से रासायनिक पदार्थ पिला दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
युवक की हालत बिगड़ने पर वन विभाग उसे पहले शाहपुर के शासकीय अस्पताल ले गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। बाद में परिजन उसे नागपुर ले गए।
उपचार कर रहीं चिकित्सक डॉ. नूतन राठी ने बताया कि मरीज के गले के अंदरूनी हिस्से में किसी ज्वलनशील रसायन के संपर्क में आने से गंभीर सूजन पाई गई है। भोजन नली और पेट की स्थिति जानने के लिए एंडोस्कोपी की जा रही है तथा मरीज चिकित्सकीय निगरानी में है।
वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) उत्तम सिंह सस्तिया ने परिजनों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कार्रवाई के दौरान जंगल में कुछ मृत मोर मिलने पर उनके नमूने सुरक्षित रखने के लिए विभागीय वाहन में फार्मलिन की बोतल रखी गई थी। उनके अनुसार अरनेश ने उसे पानी समझकर स्वयं पी लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद वन विभाग ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया।
एसडीओ ने बताया कि आरोपी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में परिजनों द्वारा हंगामा करने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के संबंध में शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
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