भरतपुर , जून 07 -- राजस्थान में सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर बाघ अभयारण्य और पालीघाट क्षेत्र में वन विभाग के उच्चस्तरीय अधिकारियों ने दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान बाघ संरक्षण, वन्यजीव आवास प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, गश्ती व्यवस्था और घड़ियाल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की।

वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरिजीत बनर्जी ने रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के विभिन्न महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में वन्यजीव आवासों, प्राकृतिक जल स्रोतों, छोटे तालाबों, वन्यजीवों के लिए विकसित जल प्रबंधन संरचनाओं, कैमराें से निगरानी व्यवस्था और अन्य संरक्षण गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों से बाघों की वर्तमान स्थिति, उनके विचरण क्षेत्र, निगरानी प्रणाली, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और आवास सुधार कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान श्री बनर्जी ने फील्ड कर्मचारियों की नियमित गश्त, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, वन अपराध नियंत्रण और वन्यजीव संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे उपायों की समीक्षा की। उन्होंने रविवार को पालीघाट घड़ियाल पालन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चंबल नदी तंत्र में संचालित घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रमों, घड़ियाल आवास स्थलों, हाल ही में अंडों से निकले शिशुओं की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और संरक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया और घड़ियालों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने और नियमित निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए।

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