रायपुर , सितंबर 01 -- छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सामने आए वन्यजीव तस्करी के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की तैयारी की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने मंगलवार को कहा कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाएगी और इसके लिए वन विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

श्री कश्यप ने बताया कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी के मामले में की गई कार्रवाई और तस्करों की गिरफ्तारी के बाद जांच में इसके व्यापक नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका सामने आई है। वन विभाग के अधिकारियों को संदेह है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है और इसके तार दूसरे राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। अलग-अलग राज्यों के गिरोह की संलिप्तता की आशंका को देखते हुए पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कराने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वन्यजीव तस्करी के संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क को देखते हुए मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया गया है। वन विभाग इसकी आवश्यक प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव तैयार कर रहा है। सीबीआई जांच के जरिए आरोपियों के संपर्क, अंतरराज्यीय कनेक्शन और तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल किए जाने की संभावना है।

इस बीच प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद वन्यजीवों की तस्करी बढ़ी है और संरक्षित वन्य प्राणियों का शिकार हो रहा है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की उदासीनता और वन विभाग की गंभीर लापरवाही बताया।

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