टिहरी , मई 22 -- उत्तराखंड में टिहरी जनपद में बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम के बीच संभावित वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने आमजन से सतर्कता और सक्रिय सहभागिता की अपील की है। अपर जिला अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने शुक्रवार को जनपदवासियों से जंगलों की सुरक्षा को सामूहिक दायित्व मानते हुए सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग केवल वन संपदा को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, वन्यजीवों के अस्तित्व और मानव जीवन के लिए भी गंभीर चुनौती बन जाती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर बड़े नुकसान को रोके।
अपर जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि जंगलों एवं आसपास के क्षेत्रों में बीड़ी, सिगरेट अथवा माचिस की जलती तीली न फेंकें और सूखी घास या झाड़ियों में किसी भी स्थिति में आग न लगाएं। उन्होंने कहा कि कई बार मामूली लापरवाही व्यापक वनाग्नि का रूप ले लेती है, जिससे नियंत्रण में भारी संसाधन और समय लग जाता है।
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