उदयपुर , अगस्त 13 -- राजस्थान में उदयपुर में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र एवं राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में वंदे मातरम् की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर गुरुवार को राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गायन की कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में छात्राओं एवं कार्मिकों को राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के विभिन्न पहलुओं का अभ्यास करवाया गया।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के केन्द्र निदेशक डॉ अश्विन एम. दलवी ने गुरुवार को बताया कि संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार हर घर तिरंगा अभियान के साथ वंदे मातरम् की 150वीं जयंती वर्ष मनाने के क्रम में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में शब्दों के शुद्ध उच्चारण, गायन की लय, उचित स्वर स्तर एवं उतार-चढ़ाव, पंक्तियों के बीच आवश्यक अंतराल और शब्दों के भाव से जुड़कर गायन करने पर विशेष ध्यान दिया गया। संगीतकार डॉ. प्रेम भण्डारी ने पहले वंदे मातरम् की पंक्तियों का गायन किया तथा छात्राओं एवं कार्मिकों ने उनके साथ पंक्तियों को दोहराते हुए अभ्यास किया। संपूर्ण वंदे मातरम् के अंतरों का बार-बार अभ्यास करवाया गया और गायन में आवश्यक सुधार के लिए संगीतकार द्वारा निर्देश दिये गये। गीतकार डॉ. प्रेम भण्डारी के साथ तबले पर ओम प्रकाश कुमावत ने संगत की।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित