जयपुर , मई 30 -- राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' जन आंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है और पांच दिन में ही लगभग तीन करोड़ नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी दर्शाई।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गत 25 मई को शुरू हुए इस प्रदेशव्यापी अभियान के पांच दिन में ही अब तक 7.31 लाख से अधिक स्थानों पर जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने टोंक के बीसलपुर बांध, भरतपुर के बंध बरेठा बांध और सुजान गंगा पर जल-पूजन एवं दीपदान कर अभियान का शुभारंभ किया था।
इसके बाद से यह अभियान गांव-गांव तक पहुंच गया और शहर, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन कुओं, बावड़ियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, वर्षा जल संग्रहण, जल चौपाल, प्रभात फेरी, कलश यात्रा आदि कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभा रहे हैं वहीं किसानों को वर्षा जल संग्रहण, भू-जल पुनर्भरण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अभियान में 29 मई तक 7 लाख 31 हजार 421 कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 92 हजार 150 जल स्रोतों और 42 हजार 15 सरकारी भवनों की सफाई, 52 हजार 934 स्थानों पर श्रमदान एवं हरियालो राजस्थान अभियान में पौधारोपण के लिए 36 हजार 822 पिट खोदना शामिल है। वहीं, 8 हजार 642 नवीन विकास कार्य प्रारंभ करने के अलावा 21 हजार 410 पूर्ण कार्यों का अवलोकन एवं लोकार्पण किया जा चुका है।
इसके अलावा 32 हजार 437 कलश यात्राएं, 13 हजार 886 जल चौपाल एवं प्रभात फेरी, 12 हजार 669 ग्राम सभाएं तथा 4 हजार 215 बैठक एवं सेमीनार आयोजित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार 4 लाख 13 हजार 910 स्थानों पर पूजन, नुक्कड़ नाटक एवं प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में 1 करोड़ 56 लाख 76 हजार 363 महिलाओं सहित 2 करोड़ 99 लाख 75 हजार 255 नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई है।
अभियान के तहत 31 मई को वंदे गंगा प्रभात फेरी, वंदे गंगा रैली, साइकिल रैली, श्रमदान, वंदे गंगा जल सेवा, जल संग्रहण संरचनाओं की गाद निकालना, पशु खेलियों, बावड़ियों की साफ-सफाई, परिंडे बांधना, जल स्रोतों की सफाई-मरम्मत के कार्य व दीप प्रज्वलन, महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई, प्लास्टिक कचरे का निष्पादन करते हुए नो प्लास्टिक-डे मनाया जाएगा।
वहीं अमृत 2.0 योजना के नवीन कार्यादेश जारी करने के साथ पूर्ण कार्यों का अवलोकन एवं लोकार्पण होगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पतालों एवं चौराहों पर जल सेवा के कार्यक्रम होंगे।
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