जयपुर , जुलाई 16 -- राजस्थान में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान 2.0 एवं सक्षम आंगनबाड़ी के तहत वंचित लाभार्थियों को सभी सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए गत एक जुलाई से आगामी 15 अगस्त तक चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नजरी नक्शा बनाकर प्रत्येक घर का सर्वे करेंगी।
समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि इस संबंध में शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास पूनम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी क्षेत्र के सभी परिवारों का सर्वे, सभी पात्र लाभार्थियों का पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण और 0-6 वर्ष के बच्चों की सटीक वृद्धि निगरानी सुनिश्चित करना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नजरी नक्शा बनाकर प्रत्येक घर का सर्वे करेंगी ताकि कोई भी परिवार, पुरुष, महिला, किशोरी या बच्चा सर्वे से वंचित न रहे। छह वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन, ऊंचाई का सही मापन कर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाएगा। महिला पर्यवेक्षक प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 10 बच्चों का रेण्डम सत्यापन करेंगी।
गर्भवती, धात्री, 0-6 वर्ष के बच्चे, स्कूल न जाने वाली किशोरियों का पंजीकरण। साथ ही कार्यकर्ता एवं सहायिका की प्रोफाइल, केंद्र की आधारभूत सुविधाएं, पीएमएमवीवाई एवं बीमा योजना के फॉर्म अपडेट किए जाएंगे। पीएमएमवीवाई , मुख्यमंत्री अमृत आहार, मुख्यमंत्री मातृ पोषण, वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र एवं अतिकुपोषित बच्चों के लिए दुधयुक्त बालाहार की जानकारी सामुदायिक बैठकों में दी जाएगी।
महिला पर्यवेक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं उपनिदेशक दैनिक टूर प्लान के अनुसार निरीक्षण करेंगे। रिपोर्टिंग के लिए 'आंगनबाड़ी केंद्र भ्रमण निगरानी' गूगल फॉर्म पर प्रतिदिन एंट्री अनिवार्य होगी। अभियान से पूर्व जून महीने में यूनिसेफ के सहयोग से सभी स्तरों पर कार्मिकों का प्रशिक्षण कराया गया। विभाग ने कहा कि यह अभियान पोषण सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और कवरेज बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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