दुर्ग , सितंबर 19 -- छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से लोहा चोरी के मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए दुर्ग पुलिस ने रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (60) और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह (39) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि जांच और तकनीकी साक्ष्यों में बीएसपी से चोरी किया गया लोहे का कबाड़ रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड की फैक्ट्री में खपाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई।

गिरफ्तार विनोद कुमार गर्ग रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के रहने वाले हैं और रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। संदीप कुमार सिंह दुर्ग के स्मृति नगर क्षेत्र के निवासी हैं और कंपनी में डायरेक्टर हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बीएसपी से चोरी किया गया लोहे का कबाड़ किस माध्यम से फैक्ट्री तक पहुंचाया जाता था और इसकी खरीद-फरोख्त के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में भी कई अहम जानकारियां और कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इस प्रकरण में इससे पहले बीएसपी के जीएम, एजीएम समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। दो और गिरफ्तारियों के बाद आरोपियों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।

मामले का खुलासा 26 मई 2026 को हुआ था, जब पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज के प्लॉट नंबर-18 में छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद हुई थी।

पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था। स्क्रैप की ढुलाई और लोडिंग में इस्तेमाल होने वाले कई वाहन, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं। जब्त सामान और वाहनों की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए आंकी गई थी, जिसमें लगभग 90 लाख रुपए का लौह स्क्रैप शामिल था।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया था कि फ्लाई ऐश के नीचे लोहा छिपाकर संयंत्र से बाहर निकाला जा रहा था। बीएसपी परिसर की सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान तैनात रहने और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोरी का लोहा बाहर पहुंचने के कारण पुलिस अंदरूनी मिलीभगत की आशंका के पहलू की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल जारी है।

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