पटना , जून 21 -- बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस के अवसर पर कहा है कि लोक सेवकों का समर्पण ही सतत विकास, शांति और समावेशी समाज की नींव है और यह दिन लोक सेवकों की सेवा समर्पण, निष्ठा और सामूहिक कल्याण की याद दिलाता है।

डॉ. कुमार ने कहा कि इसका उद्देश्य लोक सेवकों के समाज एवं राष्ट्र के विकास में दिए गए योगदान को सम्मानित करना तथा लोगों को सार्वजनिक सेवा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि लोक सेवकों का समर्पण ही सतत विकास, शांति और समावेशी समाज की नींव है। उन्होंने कहा कि प्रभावी और उत्तरदायी सार्वजनिक प्रशासन दुनिया भर के देशों की प्रगति और कल्याण के लिए आवश्यक है। यह दिवस दुनिया भर के सभी लोक सेवकों के अथक प्रयासों, सेवाभाव और रचनात्मक योगदान का प्रतीक है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस दिन का उद्देश्य युवाओं को सार्वजनिक सेवा में कैरियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 का थीम "संस्थानों का रूपांतरण: नवाचार, सहभागिता और समावेशन को बढ़ावा देना" है।

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