नैनीताल , अप्रैल 30 -- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में हिंदुस्तान मशीन टूल्स (एचएमटी) कामगार संघ की ओर से दायर 37 अपीलों पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो पायी। अब इन मामलों में 30 मई को सुनवाई होगी।

एचएमटी कामगार संघ और अन्य की ओर से एकलपीठ के आदेश को पृथक-पृथक स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी गई है।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में आज इन अपीलों पर सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई टल गई। खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई के लिए 30 मई की तिथि तय कर दी।

मामले के अनुसार 17 नवम्बर, 2016 को केंद्र सरकार ने नैनीताल के रानीबाग स्थित एचएमटी को शर्तों के साथ बन्द करने की अनुमति दी थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की केबिनेट समिति ने फैक्ट्री को बंद करने से पूर्व कर्मचारियों को वर्ष 2007 में निर्धारित वेतनमान के साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पैकेज देने के निर्देश दिए थे किन्तु आरोप है कि एचएमटी प्रबन्धन ने इन शर्तों का अनुपालन नहीं किया और फैक्ट्री बंद कर दी।

एचएमटी प्रबंधन के इस फैसले को संघ और कामगारों की ओर से उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई जिसे एकलपीठ ने खारिज कर दिया था। इस आदेश को कामगार संघ ने वर्ष 2022 में स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी है। तब से यह मामला लटका हुआ है।

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