नैनीताल , मार्च 10 -- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में हिंदुस्तान मशीन टूल्स (एचएमटी) कामगार संघ की ओर से दायर 37 अपीलों पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो पायी।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में आज इन अपीलों पर सुनवाई होनी थी। एचएमटी कामगार संघ की ओर से एकलपीठ के आदेश को इन अपीलों के माध्यम से चुनौती दी गई है।
केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद पेश हुईं और उन्होंने अदालत से समय की मांग की। अदालत ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई हेतु 25 मार्च की तिथि नियत कर दी। हालांकि संघ की ओर से शीघ्र सुनवाई की मांग की गयी।
मामले के अनुसार 17 नवम्बर, 2016 को केंद्र सरकार ने नैनीताल के रानीबाग स्थित एचएमटी को सशर्त बन्द करने की अनुमति दी थी। जिसमें प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की केबिनेट समिति द्वारा लिये गए नीतिगत निर्णय के अनुसार फैक्ट्री को बंद करने से पूर्व कर्मचारियों को वर्ष 2007 में निर्धारित वेतनमान व उसी के तहत स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पैकेज देने के निर्देश दिए थे किन्तु आरोप है कि एचएमटी प्रबन्धन ने इस शर्त का अनुपालन नहीं किया और फैक्ट्री बंद कर दी।
एचएमटी प्रबंधन के इस फैसले को संघ की ओर से उच्च न्यायालय की एकलपीठ में चुनौती दी गई जिसे एकलपीठ ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ संघ की ओर से मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ में अपील दाखिल कर चुनौती दी गयी है।
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