नयी दिल्ली , जून 20 -- भारत और दक्षिण कोरिया ने लोक प्रशासन और डिजिटल शासन में सहयोग को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।
दोनों देश लोक प्रशासन और सरकारी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन को भी जल्द ही अंतिम रूप देंगे।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया के गृह एवं सुरक्षा मंत्री युन होजुंग ने शनिवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता की । इस दौरान दोनों पक्षों के बीच डिजिटल शासन, ई-गवर्नेंस, लोक प्रशासन, क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा की गयी।
दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच करीब एक घंटे से अधिक समय तक हुई वार्ता में डॉ. सिंह ने कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और कोरिया के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और सुशासन पर आधारित एक विशेष रणनीतिक साझेदारी है।
डॉ. सिंह ने भारत में डिजिटल शासन, सार्वजनिक सेवा वितरण और शिकायत निवारण तंत्र में भारत द्वारा की गयी महत्वपूर्ण प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही जीवंत लोकतंत्र हैं जो अपने साझा मूल्यों, विरासत और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हम दो प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाएं हैं जो एक विशेष रणनीतिक साझेदारी साझा करती हैं और यह ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी दोनों ही है।"डॉ. सिंह ने अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और दक्षिण कोरियाई राजा किम सूरो के बीच वैवाहिक संबंध के ऐतिहासिक बंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन बंधनों का आज भी दोनों देशों में गहरा महत्व है।
कोरिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने में अतिथि मंत्री के योगदान की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करेगी।
उन्होंने कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग की हाल की भारत यात्रा का भी जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप व्यापार और निवेश, बंदरगाह और समुद्री मामले, डिजिटल और फिनटेक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल आदि सहित प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति के सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान जारी संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण वक्तव्य ने द्विपक्षीय साझेदारी के भविष्य के लिए एक बहुत ही महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण निर्धारित किया है।
डॉ. सिंह ने सेवा वितरण और पारदर्शिता में सुधार के लिए भारत की पहलों जैसे कि सीपीग्राम, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन प्लेटफार्मों के उपयोग का उल्लेख किया। कोरियाई पक्ष ने स्मार्ट शासन, डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं और आपदा एवं सुरक्षा प्रबंधन में अपने अनुभव साझा किये।
केन्द्रीय मंत्री ने लोक प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के संबंध में कहा कि दोनों देशों के मंत्रालय लोक प्रशासन और सरकारी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं।
दोनों पक्षों ने सरकारी सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण, सार्वजनिक प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग, सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण, शासन में नागरिकों की भागीदारी और सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणालियों में सर्वोत्तम विधियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने उभरती शासन संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए लोगों के बीच संपर्क और संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया।
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