दरभंगा , सितंबर 18 -- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग, ललित कला संकाय में नाट्य विषय के सत्र 2025-27 के तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए लोक नाटक 'रामलीला' विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।विषय विशेषज्ञ हेमेन्द्र कुमार लाभ ने भारतीय लोकनाट्य परंपरा में रामलीला के महत्व, स्वरूप, इतिहास, मंचन शैली तथा सांस्कृतिक एवं सामाजिक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रामलीला के विभिन्न क्षेत्रीय रूपों के साथ अभिनय, संगीत, संवाद, वेशभूषा और मंच सज्जा जैसे नाट्य तत्वों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि रामलीला भारतीय लोक रंगमंच की महत्वपूर्ण एवं जीवंत परंपरा है, जो धार्मिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों के साथ लोकजीवन और सामाजिक मूल्यों को भी अभिव्यक्त करती है।

इस दौरान विद्यार्थियों ने विषय विशेषज्ञ से विभिन्न प्रश्न पूछे और रामलीला की लोकनाट्य परंपरा को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दृष्टि से समझा।

विभागाध्यक्ष सह संकायाध्यक्ष प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह 'काव्या' ने कहा कि व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय लोकनाट्य परंपराओं से परिचित कराना तथा उनके सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक समझ से जोड़ना था।

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