विजयवाड़ा , जुलाई 10 -- दक्षिण कोरिया की निवेश यात्रा पर गये आंध्र प्रदेश के शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने शुक्रवार को वहां के शीर्ष अधिकारियों के साथ आंध्र प्रदेश के समुद्री और जहाज निर्माण क्षेत्र में निवेश के अवसरों पर चर्चा की।

मंत्री के कार्यालय की ओर से शुक्रवार को यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि श्री लोकेश ने सियोल में 'एचडी कोरिया जहाज निर्माण और अपतटीय अभियांत्रिकी' (एचडी केओएसई) के वैश्विक व्यापार निदेशक क्वोन यंगहून और टीम लीडर होंग सुंजून के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने विश्वस्तरीय जहाज निर्माण और समुद्री अभियांत्रिकी सुविधाएं स्थापित करने के लिए आंध्र प्रदेश के अनूठे लाभों के बारे में चर्चा की।

उन्होंने राज्य की लगभग 1,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा, भारत के पूर्वी तट पर रणनीतिक स्थिति, वर्तमान में संचालित एवं भविष्य में बनाये जाने वाले गहरे पानी के बंदरगाहों, विश्वस्तरीय परिवहन और भंडारण प्रणालियों के बुनियादी ढांचे, प्रतिस्पर्धी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और निवेशकों के अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरकार के 'व्यापार करने की गति' के सिद्धांत के बारे में भी बताया।

श्री लोकेश ने किआ मोटर्स, उसके आपूर्तिकर्ता पारिस्थितिकी तंत्र और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कोरियाई कंपनियों के सफल अनुभवों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश ने रिकॉर्ड समय में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को पूरा करने की अपनी क्षमता को लगातार साबित किया है। उन्होंने बड़े निवेश के लिए हाल ही में आंध्र प्रदेश का चुनाव करने वाली कंपनियों के बारे में बताया और गूगल डेटा सेंटर, आर्सेलरमित्तल एकीकृत इस्पात संयंत्र और लड़ाकू विमान निर्माण परियोजना का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि भारत में आने वाले कुल निवेश का लगभग 25 प्रतिशत आंध्र प्रदेश के पास आया है और इससे यह प्रदेश देश के प्रमुख निवेश स्थलों में से एक बन गया है।

उन्होंने एचडी केओएसई को विश्व स्तरीय जहाज निर्माण और समुद्री अभियांत्रिकी सुविधा स्थापित करने के लिए आंध्र प्रदेश के विभिन्न संभावित स्थानों का विस्तृत मूल्यांकन के साथ ही एचडी केओएसई के नेतृत्व को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मिलने के लिए भी आमंत्रित किया।

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