नयी दिल्ली , फरवरी 10 -- संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुये, उनके प्रदर्शन के तरीके को निंदनीय बताया।
श्री त्रिवेदी ने मंगलवार को कहा कि संसद का पटल गंभीर विषयों पर चर्चा और विचार-विमर्श के लिए होता है। किसी सांसद का अपनी सीट से आवाज उठाना राजनीतिक कार्रवाई माना जा सकता है, सीट छोड़कर आगे आना अगला कदम हो सकता है और वेल तक जाना भी विरोध का हिस्सा माना जाता है, लेकिन वेल से आगे बढ़कर ट्रेजरी बेंच की ओर जाना केवल राजनीतिक विरोध नहीं माना जा सकता।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि महिला सांसदों द्वारा बड़ा बैनर लेकर दीवार बनाकर बार-बार ट्रेजरी बेंच की ओर बढ़ने की कोशिश करना एक खतरनाक संकेत देता है और यह किसी "दुर्भावनापूर्ण योजना" से प्रेरित लगता है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि इस प्रकार दीवार बनाकर मार्च करने का विचार उन्हें कहां से मिला।
श्री त्रिवेदी ने इस घटना की तुलना शाहीन बाग आंदोलन से करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोकसभा जैसे गरिमामय सदन को वैसा ही माहौल बनाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति असहमति या नाराजगी हो सकती है, लेकिन संसद में गतिरोध पैदा करना उचित नहीं है।
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