, Aug. 12 -- जयपुर, 12 अगस्त (वार्ता( राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आपातकाल के समय लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष लोकतंत्र रक्षा की ऐतिहासिक गाथा एवं उनका त्याग और समर्पण युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बताते हुए बुधवार को कहा कि लोकतंत्र सेनानी अपने अनुभव से समाज को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करें।
श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अनेक पीढ़ियों के बलिदान के बाद देश को आजादी मिली। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने राष्ट्रहित के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना कर लोकतंत्र की रक्षा की। इसलिए राष्ट्रवाद की विचारधारा उनकी तपस्या और संघर्ष से विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को यह पता होना चाहिए कि उसे जो लोकतांत्रिक व्यवस्था सहज रूप से मिली है उसके पीछे लोकतंत्र सेनानियों का त्याग छिपा है , जिससे वे लोकतंत्र के महत्व और संरक्षण की दिशा में काम कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लोकतंत्र सेनानी को अपने जीवन के अनुभवों को लिखित रूप में दर्ज करना चाहिए। राज्य सरकार भी इनके योगदान को संरक्षित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। गरीब कल्याण एवं विकास की योजनाओं का विस्तार हुआ है तथा वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ा है। लोकतंत्र सेनानियों ने जिस राष्ट्र निर्माण का सपना देखा आज वह प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूरा हो रहा है।
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