पटना , जुलाई 19 -- िन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन के संदर्भ में कहा कि भारत एक सशक्त लोकतंत्र है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को संविधान के दायरे में अपनी बात रखने का अधिकार है। डॉ. सुमन ने आज बयान जारी कर कहा कि किसी भी मतभेद का सबसे प्रभावी समाधान संवाद के माध्यम से ही निकलता है। इसलिए संयम, धैर्य और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
डॉ. सुमन ने कहा कि केंद्र सरकार ने सदैव संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास किया है। यदि किसी विषय पर मतभेद हैं, तो उनका समाधान बातचीत और संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से ही होना चाहिए। साथ ही यह भी आवश्यक है कि प्रत्येक आंदोलन कानून के दायरे में रहे और ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे जनजीवन, शांति व्यवस्था या राष्ट्रीय हित प्रभावित हो।
मंत्री ने कहा कि देश आज विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में टकराव के बजाय संवाद का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति विरोध में नहीं, बल्कि सहमति और समाधान खोजने की क्षमता में निहित है। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) का मानना है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और हर संवेदनशील विषय का समाधान संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही निकाला जाना चाहिए।
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