लेह , मई 16 -- केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख प्रशासन ने आईआईटी, जम्मू के साथ लेह में 'सैटेलाइट कैंपस' स्थापित करने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया है।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की है। उन्होंने इसे लद्दाख के युवाओं की आकांक्षाओं को नयी उड़ान देने वाला कदम बताया है।
उपराज्यपाल सक्सेना ने अपने पोस्ट में लिखा है कि यह कैंपस लद्दाख के युवाओं के लिए बड़े बदलाव का वादा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भौगोलिक चुनौतियों या शीर्ष तकनीकी संस्थानों तक पहुंच की कमी के कारण अब यहां के छात्रों के सपने अधूरे नहीं रहेंगे। इस पहल के माध्यम से लद्दाख के छात्रों को अपने ही घर में ही विश्व स्तरीय तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे।
कैंपस की कार्ययोजना का विवरण देते हुए बताया कि इसकी शुरुआत दो आधुनिक विषयों सिविल इंजीनियरिंग और कृत्रिम बुद्धिमता (एआई)/डेटा साइंस के साथ की जायेगी। यह कैंपस छात्रों के लिए अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार के नये रास्ते खोलेगा।
समझौता पत्र के अनुसार, आने वाले समय में कारगिल में एक पूर्ण आवासीय परिसर भी विकसित किया जायेगा, जो 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में अपनी पहचान बनायेगा।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख में इस तरह की क्रांतिकारी पहलों का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्रों को सशक्त बनाने और उन्हें अपने ही क्षेत्र में उत्कृष्टता के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कैंपस के बनने से अब लद्दाख के प्रतिभाशाली युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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