श्रीनगर , अक्टूबर 21 -- देश की सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित उच्च न्यायालय की पीठ ने बुधवार को लेह में नियमित सुनवाई शुरू की। इसे भारतीय न्यायिक इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। इसमें मुख्य न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति संजय परिहार ने पहली नियमित खंडपीठ की अध्यक्षता की।

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय की इस लद्दाख पीठ का औपचारिक उद्घाटन 18 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने किया था। अधिकारियों ने बताया कि यह नवनिर्मित पीठ समुद्र तल से 11,500 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है।

दिन की शुरुआत खंडपीठ की सुनवाई के साथ हुई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भाटी ने ऑनलाइन तरीके से मामलों की सुनवाई की, जबकि न्यायमूर्ति संजय परिहार लद्दाख पीठ में मौजूद थे। खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध पांच मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद, न्यायमूर्ति परिहार ने एकल पीठ के रूप में बैठकर 60 मामलों पर सुनवाई की। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यवाही में तकनीक का लाभ उठाकर एक हाइब्रिड सुनवाई आयोजित की गई।

न्यायमूर्ति परिहार ने कहा कि सूचीबद्ध किए गए 65 मामलों की पहचान लद्दाख के याचिकाकर्ताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई को सुगम और व्यवस्थित बनाने के शुरुआती प्रयास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक ऊंचाई वाले स्थान पर मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियमित न्यायिक सुनवाई की सफल शुरुआत देश के न्यायिक ढांचे में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो यह दर्शाती है कि भौगोलिक बाधाएं न्याय के रास्ते में रुकावट नहीं बनेंगी।

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