नोएडा , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर 63 थाना पुलिस ने ऑटो में सवारी बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि गत 24 एवं 25 जून की रात पीड़ित ने थाना सेक्टर-63 में शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन अज्ञात युवकों ने उसे बरौला जाने के बहाने टेम्पो (ऑटो) में बैठाया। इसके बाद आरोपी उसे पर्थला पुल से सेक्टर-80 की ओर सर्विस रोड पर सुनसान जगह ले गए, जहां उससे मोबाइल फोन और 1,000 रुपये नकद लूट लिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल का इस्तेमाल कर उसके खाते से ऑनलाइन भी पैसे ट्रांसफर कर लिए।

पीड़ित की तहरीर के आधार पर सेक्टर-63 थाना में भारतीय न्याय संहिता तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित की गई।

पुलिस ने आज स्थानीय खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बी-वन चौराहे के पास बंद पड़े पेट्रोल पंप की ओर जाने वाले सर्विस रोड से गिरोह के दो सदस्यों दानिश मलिक (19) और चंदन शर्मा (27) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा हुआ मोबाइल फोन, 2,250 रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो तथा एक अवैध चाकू बरामद किया। ऑटो को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चंदन पहले चाय की दुकान चलाता था, जबकि दानिश रात में ऑटो चलाता था। दोनों ने मिलकर लूटपाट की योजना बनाई थी। वे नोएडा के अलग-अलग इलाकों से सवारी बैठाते और उन्हें सुनसान स्थान पर ले जाकर मोबाइल, नकदी व अन्य सामान लूट लेते थे। इसके बाद पीड़ित को दूसरी सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो जाते थे। लूट से मिली रकम को आपस में बांट लेते थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी चंदन शर्मा के खिलाफ गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं दानिश मलिक के खिलाफ भी लूट और चोरी के सामान से जुड़े मामलों सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए ठगे गए पैसे की भी जांच की जा रही है।

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