लुधियाना , जून 22 -- पंजाब के लुधियाना में सोमवार सुबह उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब शिवसेना पंजाब के अध्यक्ष राजीव टंडन के काफिले की पायलट गाड़ी को कुछ निहंग सिंहों ने रोक लिया। यह घटना फ्रेंड्स रीजेंसी के निकट हुई, जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर चेतन के खिलाफ विभिन्न सिख जत्थेबंदियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था।

जानकारी के अनुसार राजीव टंडन सोमवार सुबह अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनका काफिला धरना स्थल के पास पहुंचा, वहां मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन्हें पहचान लिया और पायलट गाड़ी के आगे खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गयी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों और काफिले के बीच विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। बाद में सीआईए-1 और स्थानीय पुलिस की अतिरिक्त टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गयीं। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर राजीव टंडन के काफिले को सुरक्षित वहां से रवाना कराया।

घटना के बाद राजीव टंडन ने इसे अपने ऊपर कथित जानलेवा हमले की कोशिश बताते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर हस्तक्षेप नहीं करती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें घेरने और डराने का प्रयास किया।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले राजीव टंडन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर सार्वजनिक स्थानों पर कृपाण लेकर चलने को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग की थी। उनकी इस टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हो गया था और विभिन्न सिख संगठनों ने इसका विरोध जताया था।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उधर, फगवाड़ा में शिवसेना पंजाब ने लुधियाना में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव टंडन को कथित रूप से धमकाने और डराने-धमकाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो इससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

शिवसेना पंजाब के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत करवाल, राजेश पल्टा और प्रदेश प्रवक्ता विपन शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि धार्मिक वेशभूषा और निहंग स्वरूप की आड़ में गुंडागर्दी की घटनाएं पंजाब में नई नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राज्य सरकार की नीतियों के कारण ऐसे तत्वों को बढ़ावा मिल रहा है और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के हाथ बंधे हुए हैं।

नेताओं ने कहा कि हालात इतने चिंताजनक हो चुके हैं कि सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता के लिए कार्य करने वाले हिंदू नेता भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना पुलिस कमिश्नर कार्यालय जैसे अत्यधिक सुरक्षित माने जाने वाले स्थान के बाहर हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

शिवसेना नेताओं ने स्पष्ट किया कि राजीव टंडन पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाने, धमकाने या डराने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पंजाब पुलिस से मांग की कि घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए और तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाये।

पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे तत्व और अधिक साहसिक हो जाएंगे, जिससे प्रदेश का माहौल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा किसी भी व्यक्ति या संगठन को अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। शिवसेना पंजाब ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हिंदू नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित