लुधियाना , सितंबर 12 -- विश्व एमएसएमई फोरम ने लुधियाना में स्टील की कीमतें देश के अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में पांच से 15 प्रतिशत तक अधिक होने पर चिंता जताते हुए केंद्र और पंजाब सरकार से तत्काल जांच की मांग की है।

फोरम के अध्यक्ष बदिश जिंदल ने शनिवार को कहा कि महंगे स्टील से लुधियाना के साइकिल, ऑटोमोबाइल कलपुर्जे, हैंड टूल्स, कृषि उपकरण और अन्य विनिर्माण उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। फोरम के अनुसार लुधियाना में स्टील इंगट की कीमत करीब 49,500 रुपये प्रति टन पहुंच गई है, जो एक महीने पहले करीब 44,500 रुपये थी। इसके मुकाबले रायपुर और दुर्गापुर में यह करीब 43,000, कोलकाता में 43,900, जम्मू में 46,500, मुंबई में 46,000 और राउरकेला में 41,800 रुपये प्रति टन बताई गई है। फोरम ने कहा कि मंडी गोबिंदगढ़ के मुकाबले भी लुधियाना में कीमत का अंतर बढ़कर करीब 2,500 रुपये प्रति टन हो गया है।

फोरम ने स्टील की दैनिक कीमतें तय करने वाले अनौपचारिक नेटवर्क, जिसे उद्योग जगत में 'एसएमएस माफिया' कहा जाता है, की भूमिका की जांच की मांग की है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के संयंत्रों से पंजाब को स्टील की आपूर्ति, कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी तथा उत्पादक से अंतिम औद्योगिक उपभोक्ता तक लगाए जा रहे मार्जिन की जांच की मांग की गई है। फोरम ने पारदर्शी राष्ट्रीय स्टील मूल्य निगरानी व्यवस्था, जरूरत पड़ने पर प्रभावी जमाखोरी-रोधी प्रावधान और घरेलू उपलब्धता कम होने पर स्टील आयात के लिए बीआईएस नियमों में व्यावहारिक एवं त्वरित व्यवस्था की भी मांग की है।

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