.तिरुवनंतपुरम , जून 18 -- तिरुवनंतपुरम स्थित राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आरजीसीबी) के हालिया अध्ययन से पता चला है कि अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाएं मलेरिया परजीवी को आर्टेमिसिनिन जैसी मलेरिया-रोधी दवाओं से बचने में मदद करती है।

क्रिस्टीन डेविस और उनके साथियों द्वारा 'द जर्नल ऑफ इन्फेक्शियस डिजीजेज' में प्रकाशित हुए लेख में कहा गया है कि अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाएं सुरक्षात्मक जैव रासायनिक वातावरण प्रदान करती हैं , जो मलेरिया परजीवी को आर्टेमिसिनिन दवा से होने वाले ऑक्सीडेटिव प्रभाव को झेलने में मदद करता है। इस शोध में उस लंबी समय से चली आ रही धारणा को चुनौती मिलती है जो कहती है कि मलेरिया परजीवी आर्टेमिसिनिन जैसी मलेरिया-रोधी दवाओं से इसलिए बच जाते हैं क्योंकि उनमें आनुवांशिक उत्परिवर्तन विकसित हो जाते हैं। यह अध्ययन दिखाता है कि परपोषी रक्त कोशिकाएं इलाज के असर को तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

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