नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- धन-शोधन से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली दिल्ली की विशेष अदालत ने रेलवे उपक्रम आईआरसीटीसी के टेंडर में कथित घोटाले से जुड़े धन-शोधन के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के खिलाफ गुरुवार को अभियोग तय कर दिये।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने श्री यादव और इस मामले में नामित उनके परिजनों के खिलाफ मामला चलाने का निर्णय सुनाते हुए कहा, " श्री यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर पद के दुरुपयोग और अपराध से मिली कमाई का इस्तेमाल करने का गंभीर शक है। वे पटना में एक विवादित जमीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उन्हें श्री यादव के रेलमंत्री के कार्यकाल के दौरान उनके कहने पर हस्तांतरित की गयी थी।"अदालत के अनुसार ऐसे संकेत हैं कि श्री के कार्यकाल में एक होटल कंपनी को रांची और पुरी में होटल की जमीन के पट्टे देने में रेल अधिकारियों ने हेराफेर की। कंपनी के निदेशकों ने इसके बदले पटना में एक भूखंड श्री लालू प्रसाद की करीबी सहयोगी सरला गुप्ता को हस्तांरित कर दिया। उस जमीन को बाद में कौड़ियों के भाव श्रीमती राबड़ी देवी को हस्तांतरित कर दिया गया।
अदालत ने श्री यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ धन-शोधन निवारक कानून 2002 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा चलाने का निर्णय किया है। जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में सात अन्य लोगों को भी नामजद किया था जिन्हें अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया ।
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत यादव परिवार-राबड़ी देवी और 11 अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के अरोपों में मुकदमा चलाने के लिए अभियोग तय किए थे।
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