श्रीगंगानगर , अप्रैल 13 -- लायंस क्लब इंटरनेशनल निरंतर बढ़ते पर्यावरणीय खतरों को देखते हुए आगामी जून महीने में एक विशेष सेवा सप्ताह का आयोजन करने जा रहा है। इस सेवा सप्ताह के दौरान लोगों को ई-वेस्ट के उचित निस्तारण, पॉलीथिन थैलियों के दुरुपयोग, उनके सदुपयोग तथा डिस्पोजल के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही शहरों और ग्रामीण इलाकों में परंपरागत जल स्रोतों की सफाई-सफाई, पानी की शुद्धता बनाए रखने तथा जल स्रोतों के निरंतर संरक्षण के उपायों पर लोगों को प्रेरित और उत्साहित किया जाएगा।
इस अभियान में विशेष रूप से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागृत करने पर जोर दिया जाएगा।यह घोषणा लायंस क्लब श्रीगंगानगर विश्वास की मेजबानी में एसडी कॉलेज ऑडिटोरियम में रविवार को आयोजित रीजन जेयष्ठा की कॉन्फ्रेंस "अंश 2026" के दौरान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता रीजन चेयरमैन शैलेन्द्र साहू ने की।
प्रांतपाल सुधीर वाजपेयी ने अपने संबोधन में पर्यावरण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्लब नियमित रूप से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करता रहता है लेकिन प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट जैसे बढ़ते खतरे अब पर्यावरण के लिए नई चुनौती बन गए हैं। शहरों और गांवों में परंपरागत जल स्रोत तेजी से खत्म हो रहे हैं, इसलिए बचे हुए जल स्रोतों को बचाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से क्लब ने अनूठे तरीके से पर्यावरण संरक्षण सेवा सप्ताह आयोजित करने का फैसला किया है।
आगामी प्रांतपाल आशुतोष वशिष्ठ ने श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के लायंस क्लबों की सामाजिक गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि जल्द ही जयपुर में 2500 वर्ग फीट में लायंस क्लब का नया लॉयंस भवन बनाया जाएगा जिसमें क्लब अपनी बैठकों, कॉन्फ्रेंस और अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन कर सकेगा।सह प्रांतपाल (द्वितीय) आरएस मदान ने कहा कि प्रांत 3233 ई-1 में ग्वालियर के साथ-साथ श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के लायंस क्लब सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। यहां सामाजिक सरोकार के कार्यों को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है जो क्लब के उद्देश्यों को सार्थक बना रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित