बैतूल , सितंबर 09 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में योजनाओं और विकास कार्यों की धीमी प्रगति तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। विभागवार समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, अनियमितता और गुणवत्ताहीन निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खराब प्रदर्शन जारी रहने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गणेश जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उपयंत्री, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक मौजूद रहे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वीबी रामजी योजना में मानव दिवस सृजन की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने इंजीनियरों को प्रदर्शन सुधारने और निर्माण कार्यों के प्राक्कलनों की जांच करने को कहा। तीन दिवसीय ऑनलाइन विंडो में कार्य नहीं करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों का तीन दिन का वेतन अवैतनिक करने के निर्देश दिए गए। खराब प्रदर्शन जारी रहने पर सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया गया।
ग्राम पंचायत झोली में बिना मूल्यांकन के घटिया कार्य किए जाने की शिकायत पर सचिव को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए। चिखलीमाल में चेकडेम निर्माण में लापरवाही और शक्तिगढ़ में खराब सड़क निर्माण के बावजूद भुगतान किए जाने के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शून्य मानव दिवस वाली पंचायतों के रोजगार सहायकों का दो माह का वेतन अवैतनिक करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना में सिवानपाट और बंजारीढ़ाल में धीमी प्रगति को तेज करने के निर्देश दिए गए। 15वें वित्त आयोग के अधूरे कार्यों को लेकर सीताकामथ, चिखलीमाल, बांसपुर और शक्तिगढ़ के संबंधित सचिवों तथा उपयंत्रियों को नोटिस जारी करने को कहा गया। सीसी निर्माण कार्य लंबित रहने पर उपयंत्री दीपेश सोनकर को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
विधायक निधि से स्वीकृत सामुदायिक भवन, बाउंड्रीवाल सहित अन्य लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा गया। कान्हावाड़ी में अधूरे आंगनवाड़ी भवन के मामले में सचिव से वसूली और निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सामाजिक न्याय विभाग की समीक्षा में दिव्यांगजनों के चिन्हांकन, पेंशन, डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र और समग्र ई-केवाईसी की स्थिति की समीक्षा की गई। ई-केवाईसी में लापरवाही पर संबंधित अधिकारी को नोटिस देने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा संजीवनी अभियान की समीक्षा में बताया गया कि घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के 240 स्कूलों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। कलेक्टर ने उपलब्ध राशि के आधार पर अतिरिक्त कक्ष, छत मरम्मत, ट्यूबवेल, शौचालय और फिटिंग जैसे जरूरी कार्य प्रस्तावित करने तथा स्कूल उन्नयन की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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