कलबुर्गी , अक्टूबर 18 -- केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से संदिग्ध संपर्कों के आरोप में पश्चिम बंगाल के एक युवक को कर्नाटक के कलबुर्गी से हिरासत में लिया गया है।

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बताया कि संदिग्ध आतंकवादियों से जुड़े मामले के बाद सरकार विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मुमताज-उल-मलिक के रूप में पहचाने गए इस संदिग्ध पर लश्कर से जुड़े सोशल मीडिया खातों के संपर्क में रहने और संदेशों के जरिए संवेदनशील जानकारी साझा करने का संदेह है।

रिपोर्टों के अनुसार, मलिक पिछले डेढ़ वर्ष से यहां सराफ बाजार में एक गहने की वर्कशॉप में अपने भाई के साथ काम कर रहा था। जांचकर्ता उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रहे हैं, क्योंकि आशंका है कि कुछ डाटा डिलीट किया गया है।

श्री खरगे ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा प्रभाग (आईएसडी) को मिली प्रारंभिक रिपोर्ट से संकेत मिला है कि दो व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिये एक आतंकवादी संगठन के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि जहां जांच के दौरान संगठन के साथ मलिक के संपर्क की पुष्टि हो चुकी है, वहीं दूसरे व्यक्ति की संलिप्तता का अभी पता लगाया जाना बाकी है।

इसे हाल ही में सामने आया पांचवां या छठा ऐसा मामला बताते हुए मंत्री ने कहा कि ये दोनों व्यक्ति कर्नाटक से बाहर के रहने वाले थे। यह ताजा हिरासत उत्तर प्रदेश के रहने वाले 23 वर्षीय मोहम्मद समीर की गिरफ्तारी के एक महीने बाद सामने आई है, जो कलबुर्गी में एक बूचड़खाने में काम कर रहा था। उसे आतंकवादी संगठनों से संदिग्ध संपर्कों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

रिपोर्टों के मुताबिक, जांचकर्ताओं को समीर के मोबाइल फोन पर आतंकवादी समूहों से जुड़े फोटो और वीडियो मिले थे। इसके साथ ही विदेशी टेलीफोन नंबरों के जरिये लोगों के संपर्क में होने की जानकारी भी मिली थी।

श्री खरगे ने नियोक्ताओं से आग्रह किया कि वे कामगारों को काम पर रखने से पहले उनकी पृष्ठभूमि जांच जरूर करवाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दूसरे राज्यों के लोगों को रोजगार के लिए कर्नाटक आने से रोका नहीं जा सकता, क्योंकि यह उनका संवैधानिक अधिकार है।

उन्होंने कहा कि सरकार सत्यापन प्रक्रिया में नियोक्ताओं की सहायता करने के लिए तैयार है। श्री खरगे ने कहा कि प्रस्तावित एसओपी तैयार करने के लिए वे त्योहारों के सीजन के बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, डिलीवरी कंपनियों, लॉजिस्टिक फर्मों, कारखानों और कपड़ा मिलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाएंगे।

उन्होंने कहा कि मलिक मामले की जांच जारी है और पुलिस कथित संपर्कों की प्रकृति एवं दायरे का पता लगाने के लिए डिजिटल संचार तथा अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित