दरभंगा , अगस्त 12 -- लित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय(एलएनएमयू), दरभंगा एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना के बीच बुधवार को शोध, तकनीकी नवाचार एवं अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।इस एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच शिक्षक एवं विद्यार्थी एक्सचेंज कार्यक्रम, संयुक्त शोध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, इनक्यूबेशन, स्टार्ट-अप, तकनीकी नवाचार तथा उद्यमिता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही शोध एवं विकास के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
समझौते के तहत दोनों संस्थानों के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी एक-दूसरे के विशेषज्ञों एवं संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे। संयुक्त शोध परियोजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, सेमिनारों एवं अन्य अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से शोध की गुणवत्ता एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
एमओयू से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक तकनीक, शोध पद्धति तथा नवाचार के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में संयुक्त शोध एवं प्रशिक्षण से नई संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद है। वहीं इनक्यूबेशन एवं स्टार्ट-अप गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के नवीन विचारों को व्यावहारिक परियोजनाओं और उद्यमों में बदलने की दिशा में भी सहयोग किया जाएगा।
इस अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास उच्च शिक्षा को समकालीन तकनीकी आवश्यकताओं से जोड़ते हुए शोध एवं नवाचार के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है। आईआईटी पटना जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान के साथ सहयोग से विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी लाभान्वित होंगे तथा संयुक्त शोध की नई संभावनाएं विकसित होंगी।
आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. एस. एन. सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच अकादमिक एवं तकनीकी सहयोग से ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान को गति मिलती है। ऐसे समझौते शोध को व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ने तथा विद्यार्थियों में नवाचार एवं उद्यमिता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर आईआईटी पटना के शोध एवं विकास निदेशक-सह-संकायाध्यक्ष डॉ. अनूप केशरी, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी कृपाशंकर सिंह, डॉ. मो. ज्या हैदर, एलएनएमयू के निदेशक (आईक्यूएसी) डॉ. उमाकांत पासवान एवं संजीव कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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