श्रीनगर , मई 20 -- लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पर्यटन तथा आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र शासित प्रदेश के सभी पंजीकृत होटलों और गेस्ट हाउसों को उद्योग का दर्जा देने की बुधवार को मंजूरी दे दी।

लद्दाख प्रशासन की ओर से आज यहां जारी बयान में कहा गया है कि होटलों और गेस्ट हाउसों को 'उद्योग' का दर्जा मिलने से वे औद्योगिक दरों पर बिजली और पानी के शुल्क के योग्य हो जायेंगे, जो इन इकाइयों पर वर्तमान में लागू होने वाली वाणिज्यिक दरों से सस्ते हैं। इससे वे राज्य/केंद्र सरकार की औद्योगिक नीतियों के तहत रियायती बैंक ऋण प्राप्त करने के भी योग्य बन जायेंगे। इसके अलावा, इन होटलों और गेस्ट हाउसों को संपत्ति कर से भी छूट दी जायेगी। ये होटल और गेस्ट हाउस भारत सरकार की किसी भी प्रोत्साहन योजना के तहत अन्य योग्य इकाइयों की तरह ही पूंजीगत प्रोत्साहन, सब्सिडी और सहायता योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम होंगे।

वर्तमान में लद्दाख में होटलों, गेस्ट हाउसों, रिसॉर्ट्स और होमस्टे से वाणिज्यिक बिजली शुल्क लिया जाता है, जो कि 5.49 रुपये प्रति यूनिट की दर से है। लेकिन 'उद्योग का दर्जा' मिलने के बाद, ये योग्य इकाइयां अब 4.10 रुपये प्रति यूनिट के औद्योगिक बिजली शुल्क की हकदार होंगी।

इसी तरह पर्यटन प्रतिष्ठानों पर वर्तमान में लागू वाणिज्यिक पानी का शुल्क खपत के स्लैब के आधार पर 28 रुपये से 46 रुपये प्रति किलोलीटर के बीच है, जबकि औद्योगिक पानी का शुल्क 26 रुपये से 29 रुपये प्रति किलोलीटर के बीच है, जिससे पर्यटन इकाइयों को बड़ी राहत मिलेगी। फ्लैट-रेट वाले पानी के कनेक्शन पर भी शुल्क में भारी कटौती लागू होगी।

इन प्रोत्साहनों और रियायतों से इन आवास/भोजन (लॉजिंग/बोर्डिंग) प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत कम होगी, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, परियोजनाओं की व्यावहारिकता में सुधार होगा, संस्थागत वित्त तक पहुंच आसान होगी और पर्यटन उद्यमों को औद्योगिक नीतियों व बुनियादी ढांचागत सहायता तंत्र के तहत लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।

उपराज्यपाल ने कहा, "होटलों और गेस्ट हाउसों को 'उद्योग' का दर्जा देने से लद्दाख में आतिथ्य क्षेत्र को काफी मजबूती मिलेगी। परिचालन लागत को कम करने और निवेश की संभावनाओं को बेहतर बनाने के अलावा यह ऐतिहासिक सुधार स्थानीय रोजगार, आजीविका के अवसरों के निर्माण और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। लद्दाख में आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र में सतत आर्थिक विकास को गति देने और पर्यटन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं। इस सुधार से यहां आने वाले पर्यटकों का अनुभव भी बेहतर होगा और लद्दाख स्थिरता, संस्कृति व आतिथ्य सत्कार की जड़ों से जुड़े एक विश्व-स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूती से स्थापित होगा।"उल्लेखनीय है कि इस निर्णय से लद्दाख के 1,257 होटलों और गेस्ट हाउसों को लाभ होगा, जिनमें से 1,078 लेह में और 179 कारगिल में हैं-जहां हजारों कर्मचारियों को रोजगार मिला हुआ है , हालांकि कुछ को छोड़कर इनमें से अधिकतर होटल साल में केवल छह महीने ही चालू रहते हैं और सर्दियों के दौरान बंद हो जाते हैं। इस कारण रखरखाव की लागत काफी बढ़ जाती है, जिससे अक्सर यह व्यवसाय आर्थिक रूप से अलाभकारी हो जाता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित