रायपुर/सुकमा/कोंडागांव/जगदलपुर , जुलाई 29 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
मौसम विभाग द्वारा अगले 48 घंटे के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किए जाने के बीच सुकमा में 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जबकि कोंडागांव जिले में उफनते नाले के कारण फरसगांव मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। वहीं लगातार बारिश से विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का सौंदर्य भी अपने चरम पर पहुंच गया है।
सुकमा जिले के अर्लमपल्ली और जगरगुंडा क्षेत्र में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। जगरगुंडा के समीप चिंतावागु नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि गादीरास क्षेत्र में मलगेर नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है और ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगदलपुर मार्ग में पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटवाया और यातायात बहाल कराया।
हालात को देखते हुए सुकमा कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने पुलिस एवं अन्य विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं तथा लोगों से उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है।
उधर, कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड स्थित उरंदाबेड़ा नाला भी तेज बारिश के कारण उफान पर आ गया। इसके चलते फरसगांव जाने वाला मार्ग बाधित हो गया और राहगीरों तथा वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों को पानी कम होने तक नाला पार नहीं करने और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान उरंदाबेड़ा नाले में जलस्तर बढ़ने से आवागमन प्रभावित होता है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए यहां बड़े पुल के निर्माण की मांग की है।
वहीं, बस्तर में लगातार हो रही बारिश से विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का नजारा भी अत्यंत आकर्षक हो गया है। इंद्रावती नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जलप्रपात पूरे वेग से बह रहा है। चारों ओर हरियाली, बादलों की आवाजाही और प्रचंड जलधारा का दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। मानसून के दौरान चित्रकोट जलप्रपात का यह मनोहारी स्वरूप देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।
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