प्रयागराज , सितंबर 1 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश से किसान परेशान हैं। बारा तहसील क्षेत्र के तरहार इलाके में बारिश का पानी खेतों में भर जाने से दर्जनों गांवों में लगभग हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। कई दिनों से पानी में डूबी फसलों में अब सड़न शुरू हो गई है। किसानों का कहना है कि जल्द जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो बची हुई फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
तरहार क्षेत्र के विभिन्न गांवों में धान के अलावा तिलहन, सरसों, उड़द और अरहर की फसलें भी बारिश के पानी में डूबी हुई हैं। खेतों में कई स्थानों पर घुटनों तक पानी जमा है। लगातार जलभराव के कारण पौधे गलने लगे हैं और फसलों से दुर्गंध आने लगी है।
किसानों के अनुसार, खरीफ की फसल तैयार करने में उन्होंने बीज, खाद, जुताई और मजदूरी पर काफी धन खर्च किया था, लेकिन लगातार बारिश और जलभराव ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई किसानों का कहना है कि धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है, जबकि उड़द, अरहर और तिलहन की फसलें भी खराब होने लगी हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में समुचित जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहता है। निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर है। खेतों में पानी भरा होने के कारण किसान अपनी फसलों की स्थिति देखने तक नहीं जा पा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण के साथ अगली फसल की तैयारी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राजस्व और कृषि विभाग की टीम भेजकर प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराने की मांग की है।
किसानों ने मांग की है कि सर्वे के आधार पर फसल क्षति का वास्तविक आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही खेतों से बारिश का पानी निकालने के लिए तत्काल प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था की जाए, ताकि शेष फसल को बचाया जा सके।
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