लखीसराय , फरवरी 27 -- बिहार में लखीसराय के जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में शुक्रवार को "ज्ञान भारतम् परियोजना" के अंतर्गत लखीसराय प्रखंड एवं चानन प्रखंड के मुखिया, जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का उद्देश्य जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों के संरक्षण, अभिलेखीकरण एवं प्रलेखन के लिये व्यापक कार्ययोजना तैयार करना था।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री मिश्र ने कहा कि जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में अनेक ऐतिहासिक धरोहरें, प्राचीन अभिलेख, पांडुलिपियां, ताम्रपत्र, हस्तलिखित दस्तावेज, कागज पर लिखित सामग्री, मठ-मंदिर, ठाकुरबारी, मस्जिद, शिवालय, तालाब, धर्मशाला तथा अन्य सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थल विद्यमान हैं, जो जिले की गौरवशाली विरासत के प्रतीक हैं। इन सभी स्थलों एवं दस्तावेजों की पंचायतवार सूची तैयार कर उनका व्यवस्थित फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से दस्तावेजीकरण किया जाएगा। इसके बाद इनका संकलन कर एक पुस्तक के रूप में संधारित किया जाएगा, जिससे भावी पीढ़ियों के लिए जिले की ऐतिहासिक पहचान संरक्षित रह सके।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी साझा की, जिसमें धार्मिक धरोहरों का उल्लेख प्रमुख रूप से किया गया। कई स्थानों पर उपलब्ध प्राचीन मूर्तियां की जानकारी भी साझा की गई, जिन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जिला पदाधिकारी श्री मिश्र ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध ऐतिहासिक धरोहरों की प्रामाणिक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराएं, जिससे परियोजना के तहत समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यह पहल जिले की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा देगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित