लखीसराय , मार्च 28 -- बिहार के लखीसराय सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. श्री जयप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एचआईवी/एड्स एवं सामाजिक सुरक्षा विषय पर एक संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा मरीजों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी प्रदान करना था।

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सिंह ने एचआईवी/एड्स के कारण, लक्षण, संक्रमण के तरीके तथा बचाव के उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचआईवी एक संक्रामक रोग है, जो असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई के प्रयोग, संक्रमित रक्त चढ़ाने तथा संक्रमित माता से शिशु में फैल सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य संपर्क जैसे साथ बैठना, हाथ मिलाना या भोजन साझा करने से एचआईवी नहीं फैलता। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव न हो।

बैठक में एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। इस अधिनियम के अंतर्गत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को गोपनीयता का अधिकार, उपचार का अधिकार तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव से संरक्षण प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी सुविधा तथा निःशुल्क जांच एवं परामर्श सेवाओं के संबंध में भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों एवं संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर संचारी रोग पदाधिकारी सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. निवास शर्मा, उपाध्यक्ष डॉक्टर राकेश कुमार, एड्स नियंत्रण पदाधिकारी अरविंद कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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