लखनऊ , मार्च 11 -- ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को लखनऊ के रमाबाई स्थल से शीतला अष्टमी पर गो-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध अभियान का औपचारिक शंखनाद किया।
इस मौके पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए लखनऊ नहीं आए हैं, बल्कि गौ माता की रक्षा के लिए आंदोलन का शंखनाद करने जा रहे हैं। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि जब विदेशी और अंग्रेज भारत में शासन करने आए तो उन्होंने गोमाता को पशुओं की सूची में डाल दिया। स्वतंत्रता के बाद भी कई सरकारें आईं, लेकिन किसी ने भी गोहत्या बंद कराने के अपने वादे को पूरी तरह नहीं निभाया। हमने भी गौ माता की रक्षा की उम्मीद में इस भगवा सरकार को वोट दिया था।
शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा, " जब प्रदेश की गद्दी पर एक गेरुआधारी योगी, यती और सन्यासी बैठा तो हमें लगा कि अब गो माता की रक्षा अवश्य होगी। लेकिन, अब उसी गेरुआ राज में पुलिस सनातन धर्म के प्रतीकों पर प्रहार कर रही है।"उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमारे समाज में कई कालनेमि आए हैं। कालनेमि एक राक्षस था। वह साधु के कपड़े पहनकर हनुमानजी के सामने गया था। इसका मतलब है अंदर से कुछ और हो, बाहर से कुछ और दिखाई दे। आपके राज में गायों की संख्या कम हो रही है। गो हत्यारे से चंदा आपकी पार्टी ले रही है। आपका काम तो राक्षसों जैसा दिखाई दे रहा है और कपड़े संन्यासियों जैसे। कहीं आप ही तो कालनेमि नहीं हो।
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