लखनऊ , मई 25 -- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पांच महीने तक चली कानूनी लड़ाई के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के ललित तिवारी को फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड से पार्षद पद की शपथ रविवार को दिलाई गई। महापौर सुषमा खर्कवाल ने रविवार को उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नगर निगम के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी को न्यायालय के आदेश पर शपथ दिलाई गई हो।

यह मामला फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड का है। यहां भाजपा के प्रदीप शुक्ला टिंकू विजयी हुए थे। दूसरे स्थान पर सपा के ललित तिवारी रहे थे। दोनों के बीच मतों का अंतर करीब 1700 का था। चुनाव के बाद ललित तिवारी ने न्यायालय में वाद दायर किया कि भाजपा के प्रदीप शुक्ला ने शपथ पत्र में विवाह को लेकर गलत जानकारी दी है।

सुनवाई के बाद करीब पांच महीने पहले अपर जिला जज की अदालत ने प्रदीप शुक्ला के निर्वाचन को निरस्त करते हुए ललित तिवारी को निर्वाचित घोषित कर दिया।

निर्वाचित घोषित होने के बाद से ललित तिवारी शपथ ग्रहण को लेकर प्रयास कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने नगर निगम, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त कार्यालय और शासन तक पत्राचार किया।

शपथ न दिलाए जाने पर ललित तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी । हाईकोर्ट ने शपथ ग्रहण कराने के आदेश जारी किए। इसके बाद भी जब शपथ नहीं कराई गई तो 21 मई को हाईकोर्ट ने महापौर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए।

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