मुंबई , अगस्त 17 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन पर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं तथा छात्रों को प्रभावित करने वाली तकनीकी खामियों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस से माफी मांगने के बयान पर भी पलटवार किया।

एक संवाददाता सम्मेलन में श्री पवार ने मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का इस्तेमाल अनावश्यक कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे महाराष्ट्र में बिहार जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने कहा, "बीएलओ स्तर के कर्मचारियों को अनावश्यक कार्यों में लगाया जा रहा है। बिहार में जो स्थिति सामने आयी थी, उसके यहां दोहराए जाने का खतरा है और यह प्रशासनिक स्तर पर गंभीर गड़बड़ी की ओर संकेत करता है।"श्री पवार ने बॉम्बे उच्च न्यायालय की क्लर्क भर्ती के लिए आयोजित टाइपिंग परीक्षा में हाल में सामने आयी तकनीकी समस्या का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए निजी ठेकेदार द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा सॉफ्टवेयर अचानक ठप हो गया, जिसके कारण सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा नहीं दे सके और उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल उच्च न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेगा और अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए पूरी परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग करेगा।

राष्ट्रीय राजनीति पर श्री पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस से माफी मांगने की मांग का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश से माफी मांगने की जरूरत भाजपा को है। उन्होंने राजस्थान में राष्ट्रीय ध्वज को कथित रूप से उल्टा प्रदर्शित किए जाने और राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के गलत गायन जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा नेता किरीट सोमैया पर भी निशाना साधते हुए उनके राजनीतिक बयानों को खारिज किया।

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